पितृ दोष शांति के उपाय – सरल और प्रभावी ज्योतिषीय उपाय
पितृ दोष क्या है? हिंदू ज्योतिष और धर्मग्रंथों में "पितृ दोष" को एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है जिससे व्यक्ति के जीवन में अड़चनें, अशांति और प्रगति में रुकावट आती है। जब कुंडली में सूर्य, चंद्र या राहु-केतु का विशेष संयोग बनता है, तब पितृ दोष उत्पन्न होता है। इसके अलावा, जब पूर्वजों की आत्मा असंतुष्ट रहती है, तब भी यह दोष जीवन में नकारात्मक प्रभाव डालता है। पितृ दोष के प्रमुख लक्षण पितृ दोष से ग्रस्त व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएँ देखने को मिलती हैं, जैसे: विवाह में बाधा या विलंब। संतान सुख में रुकावट। परिवार में लगातार कलह और अशांति। आर्थिक तंगी और धन का ठहराव। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ। बार-बार असफलता का सामना करना। अगर कुंडली में पितृ दोष है और जीवन में लगातार ऐसी परेशानियाँ बनी रहती हैं, तो ज्योतिषीय और धार्मिक उपायों द्वारा शांति प्राप्त की जा सकती है। पितृ दोष शांति के उपाय 1. पितृ तर्पण और श्राद्ध अमावस्या, खासकर पितृ पक्ष (भाद्रपद महीने की अमावस्या से पूर्णिमा तक) में पितरों का तर्पण करना बेहद लाभकारी होता है। पवित्र नदी, ...