प्रजनन क्षमता (Fertility) और आयुर्वेद – स्त्री-पुरुष दोनों के लिए उपाय
परिचय(Introduction) आज के समय में Infertility (बांझपन या संतान प्राप्ति में कठिनाई) एक बड़ी समस्या बन चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में लगभग 15% दंपतियों को संतान प्राप्ति में परेशानी होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं – जैसे तनाव, गलत खान-पान, हार्मोनल असंतुलन, उम्र, मोटापा और जीवनशैली। आयुर्वेद के अनुसार, संतानोत्पत्ति केवल स्त्री या पुरुष पर नहीं बल्कि दोनों के सामूहिक स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। आयुर्वेद में प्रजनन क्षमता को "गर्भसंस्कार" और "वृज्य शुद्धि" के अंतर्गत समझाया गया है। इसमें शुक्र धातु (पुरुष) और आर्टव धातु (स्त्री) की शुद्धता और शक्ति का विशेष महत्व है। आइए जानें कि स्त्री और पुरुष दोनों के लिए आयुर्वेदिक व वैज्ञानिक दृष्टि से कौन-कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं। 1. स्त्री और पुरुष में प्रजनन क्षमता घटने के सामान्य कारण अत्यधिक तनाव और नींद की कमी असंतुलित आहार (ज्यादा जंक फूड, तैलीय और प्रोसेस्ड भोजन) मोटापा या बहुत कम वजन धूम्रपान और शराब का सेवन हार्मोनल असंतुलन (PCOS, थायरॉइड, टेस्टोस्टेरोन की...