वास्तु दोष का समाधान – घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के आसान उपाय
परिचय(Introduction): भारत में वास्तु शास्त्र को हजारों वर्षों से घर, दफ़्तर और मंदिरों के निर्माण में महत्व दिया जाता रहा है। यह केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि प्रकृति के तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के संतुलन पर आधारित एक विज्ञान है। अगर यह संतुलन बिगड़ जाए तो उसे वास्तु दोष कहा जाता है, जो स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति पर असर डाल सकता है। इस लेख में हम आपको वास्तु दोष के कारण , उसके प्रभाव और सरल समाधान बताएँगे, जो बिना तोड़-फोड़ किए अपनाए जा सकते हैं। वास्तु दोष के मुख्य कारण मुख्य द्वार की गलत दिशा – उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) का ब्लॉक होना या दक्षिण-पश्चिम में मुख्य द्वार होना। रसोई का गलत स्थान – उत्तर-पूर्व में रसोई होना। शयनकक्ष का असंतुलन – दंपति का बेडरूम उत्तर-पूर्व में होना। टॉयलेट/बाथरूम की गलत दिशा – ईशान कोण या ब्रह्मस्थान (मध्य भाग) में शौचालय। भारी सामान का गलत स्थान – उत्तर-पूर्व में भारी अलमारी, पानी का टैंक या सामान रखना। वास्तु दोष के संभावित प्रभाव लगातार बीमार...